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अजवाइन

अजवाइन के फायदे और नुक्सान | Ajwain – benefits and uses

अजवाइन के फायदे

अजवाइन का नाम सुनते ही मुंह में कुछ सोंधा सा घुलने लगता है, जो रोज सुबह की दाल का हिस्सा बनकर उसे तड़के वाला बना देता है।जो सब्ज़ी, करी, चिकेन करी,और एग करी को और जायकेदार बनाता है।

ख़ैर आज मसालों का मसला एपिसोड में हम चर्चा कर रहे हैं,अजवाइन की।

बचपन में जब खांसी आया करती थी,तब अम्मा गुड़ में अजवाइन मिलाकर दे देती थी,और कहती थीं लो लल्ला चुभलाओ, अभी खांसी ठीक हो जाएगी।आपकी अम्मा भी कहती होंगी।

पहले थोड़ी सी बेसिक जानकारी,फिर इसके गुणों की चर्चा…

यह एक मसाला है,जो हमारे घरों में खूब इस्तेमाल होता है।यह मिस्र का मसाला है,लेकिन दक्षिण पश्चिम एशिया में खूब इस्तेमाल किया जाता है।
जैसे भारत, पाकिस्तान,अफ़गानिस्तान, ईरान, इराक में इस्तेमाल किया जाता है।इसके ढेर सारे घरेलू नुस्खे हैं।

यह गैस एसिडिटी में कार्य करता है, साथ ही स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी लाभदायक होता है और वजन घटाने में भी सहायक होता है।

इसका वैजीनिक नाम Trachyspermum ammi है।और यह सौंफ, जीरा के परिवार की प्रजाति है।देखने में अंडाकार, छोटा सा,कुछ कुछ  का होता है।

अजवाइन में व्याप्त पोषक तत्व:
हम जब इस पर चर्चा करें कि क्यों अजवाइन इतना कारगर घरेलू नुस्खा है, तब हमें इसके पोषक तत्वों के बारे जानना अपरिहार्य हो जाता है।
पौष्टिक तत्व प्रति 100ग्राम

Nutrition Facts

Serving Size 100g

Servings 1


Amount Per Serving
Calories 305
% Daily Value *
Total Fat 25g39%
Saturated Fat 4g20%
Sodium 10mg1%
Total Carbohydrate 43g15%
Dietary Fiber 39g156%
Protein 16g32%

* Percent Daily Values are based on a 2,000 calorie diet. Your daily value may be higher or lower depending on your calorie needs.

अजवाइन के लाभ:

अजवाइन के साधारण प्रयोगों से तो आप जरूर परिचित होंगे,लेकिन आज हम आपको कुछ बेहद चौंकाने वाले गुण बताएंगे, जो दादी, नानी के नुस्खों का हिस्सा है।आइए बात करते हैं अजवाइन के गुणों के बारे में,

1. पाचन शक्ति पर प्रभाव

यह पाचन शक्ति को मजबूत करता है।इसमें मौजूद रेशे की मात्रा पाचन शक्ति को मजबूत करती है।इसमें थाइमोल की मात्रा अधिक होती है,जो गैस्ट्रिक रस  के स्राव को बढ़ाता है।इस से पाचन प्रक्रिया आसान होती है। यह कब्ज में भी लाभदायक होता है।

2. गठिया में फायदेमंद

यह गठिया में लाभदायक साबित होता है।इसमें मौजूद एंस्थेटिक गुण, इसे दर्द,सूजन को कम करने का कार्य करते हैं।

3. सर्दी-जुकाम में लाभदायक

जब कभी सर्दी होता है,तो माएं घरों में अजवाइन और अन्य मसालों का काढ़ा देती हैं या तो गुड़ में अजवाइन।अजवाइन में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट गुण,एंटी बैक्टेरियल गुण सर्दी जुकाम में कार्य करते हैं,और हमें राहत देते हैं।

4. उल्टी से राहत

जब कोई व्यक्ति शराब के अतिशय सेवन से उल्टी करने लगे, तब उसे अजवाइन दिया जाना चाहिए।

5. दाद में लाभदायक

इसके चर्म रोगों में कई गुणकारी प्रभाव हैं।यह दाद जैसे फंगल इंफेक्शन में बेहतरीन कार्य करता है।

6. कान दर्द में राहत

कान दर्द या फिर कान में सूजन की स्थिति में यह कार्य करता है।इसमें मौजूद एंटी बैक्टेरियल,एंटी इन्फ्लेमेटरी यौगिक कान के जमाव को हटाने में मदद करते हैं।

7. खांसी में आराम

इसकी तासीर गर्म होती है।और इससे बनने वाला काढ़ा खांसी में आराम करता है।या फिर अदरक के रस में गुड़ और अजवाइन लेने से भी आराम मिलता है।

8. मुहांसों से छुटकारा

इसके इस्तेमाल से चेहरे पर होने वाले मुंहासे और उनका दर्द,और निशान भी गायब होते हैं।इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुण पिंपल होने सर रोकता है।

9. मसूड़ों के सूजन में आराम

यह मसूड़ों में उत्पन्न सूजन,या पस की समस्या में भी आराम पहुंचता है।इसमें मौजूद थाइमोल, एंटी बायोटिक गुण और अनेस्थेटिक गुण इसे लाभकारी बनाते हैं।इसे पीसकर ब्रश करने से मसुड़ें स्वस्थ रहते हैं।

10. किडनी पर प्रभाव

इसका प्रभाव किडनी पर भी पड़ता है।यह किडनी में उत्पन्न पथरी या स्टोन को तोड़कर यूरिन के रास्ते शरीर से निकालता है।

11. कोलेस्ट्रॉल पर प्रभाव 

यह कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है।इसमें मौजूद एंटी हाइपर लीपिदिमिक गुण के प्रभाव से शरीर में व्याप्त कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

12.रक्तचाप के लिए

उच्च या निम्न रक्तचाप एक बेहद खतरनाक स्थिति होती है,जिसमें हार्ट स्ट्रोक का ख़तरा बना रहता है।इसमें मौजूद थाइमोल इसे नियंत्रित करता है।इसका कैल्शियम चैनल ब्लॉकिंग प्रभाव इसमें कार्य करता है।

13. पीरियड्स पर प्रभाव

यह पीरियड्स के दर्द में आराम पहुंचाता है,लेकिन अधिक ब्लीडिंग पर यह नुकसान भी पहुंचा सकता है, चुकी इसकी तासीर गर्म है।

14. डिलीवरी के बाद प्रयुक्त

डिलीवरी के बाद डॉक्टर अजवाइन और गरम पानी की सलाह देते हैं।यह न सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाता है बल्कि पेट से जुड़ी समस्याओं को भी ठीक करता है।

15. प्रतिरोधक क्षमता

इसका जो सबसे मुख्य गुण है,वह यह कि यह हमारी प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है।जो अनेक रोगों से लड़ने में हमारे शरीर की सहायता करता है।

16. यौन शक्ति

यौनशक्ति बढ़ाने में भी अजवाइन एक बढ़िया मसाला हो सकता है।इसके लिए 200 ग्राम पिसी अजवाइन को सफेद प्याज के रस में भिगोकर सुखा लें।भिगोने-और सुखाने की प्रक्रिया को दो बार और दोहरा लें। फिर इस सूखी अजवाइन के दो चम्मच पाउडर में दो चम्मच देसी घी और चार चम्मच चीनी मिलाकर रोजाना सुबह खाकर गुनगुना पानी पी लें। आयुर्वेद में ऐसा माना गया है कि इस पाउडर को लगातार 21 दिन तक सेवन करने से यौनशक्ति प्रबल होती है।

17. दांत दर्द

अगर दांत में दर्द या गले में खराश के दर्द से परेशान रहते हैं तो समस्या से परेशान हैं, तो एक गिलास पानी में एक चम्मच पिसी अजवाइन डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी हल्का गुनगुना रहे तो इससे मुंह में लेकर कुछ दर तक गरारा करें फिर कुल्ला करके फेंक दें।

18. नशा छोड़ना

नशे की लत लगी है और इसे छोड़ना चाहते हैं तो ये दो नुस्खे अपना लें।पहला, स्मोकिंग की लत में अजवान रुई के बीच रखें और इसे जलाकर इसका धुआं लेने से इस लत से छुटकारा मिल सकता है। वहीं अगर शराब पीने का मन कर रहा है, तो एक चम्मच अजवाइन मुंह में रखें और इसे चूसते रहें। जब तक शराब की पीने की इच्छा खत्म नहीं हो जाती।हालांकि इन दोनों चीजों की लत छुड़ाने के लिए आपको कम से 2-3हफ्ते तक ऐसा करना चाहिए।

19.डाइबिटीज में लाभ

लाइफ स्टाइल के बदलने से डाइबिटीज बहुत आम रोग हो चला है।और इसका कोई परमानेंट इलाज नहीं है।केवल परहेज़ और दिनचर्या पर नियंत्रण ही इसका इलाज है।अजवाइन का पानी डायबिटीज जैसी घातक बीमारी की जड़ मारने में कारगार है।

20.दस्त में लाभ

यदि आप अपच, दस्त से परेशान हैं तो 100 ग्राम अजवाइन में 15 ग्राम पिसा हुआ सेंधा नमक मिलाकर पाउडर बना लें।इसे रोजाना आधा-आधा चम्मच खाकर पानी पीने से इन परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है।

21. डिटॉक्सीफाई

यह शरीर के मेटाबॉलिक प्रक्रियाओं में सहायता करता है।अजवायन के पत्तों की चाय बनाकर पीने से बॉडी डिटॉक्‍स होती है। इसकीचाय पीने से सेहत संबंधी कई लाभ होते हैं। फाइबर, कैल्शियम, नियासिन, मैंगनीज, फोलेट, लोटे और लेटेन और क्रिप्टोक्सैथिन जैसे कैरोटीनॉयड से भरपूर इन पत्तों की चाय पीने से आप लम्बे समय तक स्वस्थ रहते हैं।

अजवाइन का बच्चों पर प्रभाव:

इस दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास एक मां होना होता है।यह अपने साथ जिम्मेदारियां लाता है,बच्चों का पोषण बहुत कठिन है।लेकिन माताओं का प्रेम, दूलार उन्हें मजबूत बनाता है।पहले दादी, नानी नई मां ओं को सलाह देती थी,लेकिन अब शहरों की जिंदगी में ज्यादातर कपल बाहर दूर रहते हैं।तब हम आपको बता रहे हैं,कुछ नुस्खे दादी नानी के हवाले से

1.अजवाइन बच्चों को पेट के दर्द और गैस से राहत देता है।

2.जिन बच्चो में अक्सर पाचन विकार और खराब पेट की समस्या रहती है, विशेषकर नए खाद्य पदार्थों का सेवन करने पर। उन्हें ऐसी समस्याओं से जल्द राहत के लिए अजवाइन का पानी दें।

3.अजवाइन बच्चों को सर्दी व खांसी की समस्या से भी राहत देता है।

4.बच्चों में कब्ज एक आम समस्या है। कब्ज से पीड़ित बच्चों को अजवाइन का पानी देने से उनकी यह समस्या ठीक हो सकती है और मल त्याग भी नियंत्रित होता है।

5.अजवाइन के गुण गैस्ट्रिक एसिड को मुक्त करने में मदद करते हैं, जिससे भूख बढ़ सकती है और बच्चों में पाचन सहज हो सकता है।

6.यह बच्चों में अस्थमा का इलाज कर सकता है।

बच्चों को आठ महीने के बाद अजवाइन का पानी दे सकते हैं।शुरुआत में 1चम्मच,और डेढ़ दो साल तक 2 से 3 चम्मच।
अजवाइन का पानी कैसे तैयार करें,यह इसी लेख में आगे दिया हुआ है।

अजवाइन के घरेलु नुस्खे

इस के गुण पढ़ते पढ़ते आपके दिमाग में जरूर आया होगा, कि इस लेख में केवल गुण ही दिए हैं, कि कुछ नुस्खे भी दिए हैं।तो हाज़िर है आपके पास आपकी अम्मा, दादी और नानी के आंचल से निकालकर लाए नुस्खे……

1.पाचन संबंधी:

1चम्मच जीरा और एक चम्मच अजवाइन साथ में आधा चम्मच अदरक पाउडर पीने से सीने के जलन में लाभ होता है।

2. कान दर्द:

अजवाइन के तेल में लहसुन और तिल का तेल पकाकर ठंडा करके लगाने से कान में मौजूद घाव और सूजन में लाभ होता है।

3.दाद:

दाद में अजवाइन पानी में गाढ़ा पीसकर दिन में दो बार लेप करने से लाभ होता है।

4.गठिया:

गर्म पानी के टब में एक चम्मच अजवाइन मिला लें।अब पानी से अपने जोड़ों को ठीक से धूलें या कपड़े की सहायता से उसे भीगा कर रखें।
गठिया के मरीज को अजवाइन के चूर्ण को पोटली बनाकर सेकने से लाभ होता है।

आधा चम्मच अजवाइन में सूखा अदरक पानी के साथ लेने से फायदा होता है।

5.मुंहासे:

अजवाइन पीस लें और नींबू के रस में मिला लें।कॉटन से थप थपाकर लगाएं।पंद्रह मिनट के बाद धो लें।
अजवाइन को दही के साथ पीसकर लगाएं और आधे घंटे में धो लें या फिर रात को लगाकर सुबह गर्म पानी से धोने से लाभ होता है।

6.मसूड़ों के सूजन में:

इसे भूनकर पीस लें और सरसो के तेल में मिलाकर मालिश करें।इससे मसूड़ों के प्रॉब्लम में आराम मिलता है।

7.पथरी

दो चम्मच अजवाइन में एक चम्मच शहद और सिरका मिलाकर 1हफ्ते लेने से पथरी में लाभ होता है।
गुड़ में पिसी हुई अजवाइन1 चम्मच रोजाना लेने से लाभ होता है।

8.सर्दी

रात में 5g अजवाइन और 1g गिलोय, 150ml पानी में रखकर सुबह छान लें और एक चुटकी नमक के साथ यह पानी पीएं।

आजवाइन का  खाने में उपयोग 

  1. इसके स्वास्थ्य लाभकारी उपयोगों के अलावा, अजवाइन भारतीय व्यंजनों में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले एक प्रमुख मसाले के रूप में कार्य करता है।
  2. इसका उपयोग अचार, मसाला चिकन और मछलियों के साथ-साथ अन्य मसालों के स्वाद के लिए किया जाता है।
  3. इसका उपयोग हर्बल चाय बनाने के लिए भी किया जाता है।
  4. इसका उपयोग स्नैक्स, बिस्कुट, सॉस और सूप के स्वाद में किया जाता है। इनका उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में भी किया जाता है।

कैसे लें?
1.पानी और एक चम्मच अजवाइन साथ में लेने से भूख लगती है।
2.नींबू के रस के साथ नमक और अजवाइन लेने से गैस की समस्या ठीक होती है।
3.यह पाचन तंत्र को दुरुस्त करने में सहायता प्रदान करता है।
4.यह दाल के तड़के में हींग के साथ इस्तेमाल होता है।यह खाने में पौष्टिकता के साथ स्वाद भी जोड़ता है।

अजवाइन का काढ़ा:

अजवाइन का काढ़ा सर्दी जुकाम में बहुत लाभदायक होता है।जब एक आध छींक आ जाए तो अम्मा कहती हैं, लल्ला काढ़ा बनाई देही,ले लेयो जुकाम ठीक हो जाएगो….
यह बात हर किसी को अपने भाषा अपनी मां से सुनने को मिलता है न।जब एंटी बायोटिक दवाएं धीरे धीरे अपनी क्षमता बढ़ा रही हैं, अर्थात् एंटी बायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ रहा है, तब आयुर्वेद ही इलाज लेकर आएगा।यह बात हमने इस कोरोना काल में भी महसूस किया है।सीधे तौर पर अभी तक इस वायरस की कोई दवा उपलब्ध नहीं है, तब हमारा ध्यान अपनी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की ओर है, जिसमें आयुष मंत्रालय के सलाह अनुसार काढ़ा, गर्म पानी जैसी चीज़ों का उपयोग करने को कहा गया है।
पांच दस साल पहले जाइए मतलब लोगों से पूछें कि क्या आप पांच साल पहले इतनी दवा खाते थे जवाब नहीं ही होगा।तो उपचार की सबसे घरेलू और गैर नुकसान दायक विधि है काढ़ा,आइए जानते हैं इसे कैसे बनाते हैं….
1छोटा चम्मच अजवाइन, कुछ तुलसी की पत्तियां, आधा चम्मच अदरक पाउडर या सोंठ,1लौंग,5 काली मिर्च, आधा कप पानी, एक तिहाई कप गुड़।
पानी को उबालें,और इन सब मसालों को कूट कर मिलाएं, अब खौलने दें लगभग 5 से7 मिनट।
अब छान लें,थोड़ा सा घी भी डाल सकते हैं।

अजवाइन का पानी:

अजवाइन का पानी एक बेहद आसान तरीका है अजवाइन लेने का,खास तौर से बच्चों के लिए, आइए जानते हैं;

एक पैन में 250 मिलीलीटर पानी लें और उबाल आने तक इसे गर्म करें।
इसमें 1/2 छोटा चम्मच अजवाइन डालें और कुछ मिनटों तक उबलने दें।
आप चाहें तो पहले अजवाइन के बीजों को भूनकर पीस लें और फिर पानी बनाने के लिए पाउडर के रूप में उपयोग करें।
यदि आप पानी को मीठा करना चाहते हैं तो उबलते पानी में थोड़ा सा गुड़ मिला लें।
गर्म पानी को छन्नी से छानकर थोड़ा ठंडा होने दें।

अजवाइन की मालिश:

अजवाइन की मालिश ठंडी लगने पर एक बेहद कारगर इलाज है।यह वृद्ध से लेकर बच्चों तक कारगर है।यह तरीका हमारे घरों में दादी खूब इस्तेमाल करती थीं।
1 छोटा चम्मच अजवाइन
1/2 कप सरसों का तेल
लहसुन की 1 कली (वैकल्पिक)
कैसे तैयार करें
इसे बनाने के लिए सबसे पहले सरसों के तेल में अजवाइन को गर्म करें।
धुआं आने तक इसे गर्म होने दें।
आप इसमें लहसुन मिला सकते हैं।
तेल को हल्का गुनगुना करके इससे मालिश करें।यह शरीर को गर्मी प्रदान करेगा,साथ ही बच्चों को बलगम जैसी समस्याओं से बचाएगा।
अजवाइन के तेल से नियमित मालिश करने से यह उपचार बच्चों में सर्दी व खांसी की समस्या को दूर करने के लिए एक निवारक के रूप में कार्य करता है।

अजवाइन और गुड़ का पानी

यह बच्चों में खांसी का  एक घरेलू इलाज है,बजाय किसी सीरप के आप इसे आजमाएं,निश्चित तौर पर यह फायदा करेगा।

सामग्री
1 छोटा चम्मच अजवाइन
1 छोटा चम्मच गुड़
कैसे तैयार करें
अजवाइन को भूनकर पीस लें और उसे समान मात्रा में गुड़ के पाउडर में मिलाकर अपने 1 वर्षीय या उससे अधिक आयु के बच्चे को रोजाना दें।
शिशुओं को अजवाइन के पानी में हल्का सा गुड़ मिलाकर देने की सलाह दी जाती है।

सावधानी:

इसके अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं लेकिन फिर भी इसके सेवन में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
1. चुकी इसका तासीर गर्म है,इसलिए गर्मियों में ज्यादा प्रयोग में न लाएं। साथ ही मात्रा का ख़्याल रखें।

2. गर्भवती महिलाओं को अजवाइन का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। क्‍योंकि ऐसा माना जाता है कि गर्म तासीर होने के कारण यह गर्भापात का कारण बन सकती है।

3. पीरियड्स के दौरान अधिक मात्रा नुकसान देय साबित हो सकता है।

4. बच्चों के मामले में शुरू में साबुत अजवाइन देने से बचें।बच्‍चों के लिए अजवाइन की सही खुराक निश्चित नहीं की जा सकती है। लेकिन फिर भी आपको सलाह दी जाती है कि बच्‍चों को भी बहुत ही कम या नियंत्रित मात्रा में अजवाइन का सेवन करना च‍ाहिए।

5. मध्यम मात्रा में सेवन करने पर अजवाइन आमतौर पर किसी भी तरह के दुष्प्रभाव का कारण नहीं बनती है। लेकिन अधिक खपत से कई प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं, जैसे कि; यह पेट में अल्सर और नासाज़गी का कारण बन सकता है।
चक्कर आना और मतली की ओर जाता है।

6. यकृत की समस्याओं को बढ़ाता है। हृदय रोगों का कारण बनता है, यह शरीर के तापमान को बढ़ाता है जिससे गर्भावस्था के दौरान कई समस्याएं हो सकती हैं। यह प्रकाश संवेदनशीलता का कारण भी बन सकता है।

7. थाइमोल की अच्‍छी मात्रा होने के कारण कुछ लोगों को अजवाइन का सेवन करने या उपयोग करने से त्‍वचा में जलन, खुजली या चकते आदि की समस्‍या हो सकती है।

8. कुछ लोगों को अजवाइन का अधिक मात्रा में सेवन पेट दर्द, मुंह के छाले और जलन आदि का अनुभव करा सकता है।

 

अजवाइन की खेती के लिए आवश्यक जलवायु:

अजवायन की अच्छी बढ़वार व पैदावार के लिए सर्द एवं शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है । पाले से इसे नुकसान होता है । वातावरण में अधिक नमी होना-विशेषकर फूल आने के बाद-फसल के लिए नुकसानदायक है अतः इसकी सफल खेती के लिये शुष्क मौसम होना चाहिये । अजवायन को पकने के लिए ज्यादा तापमान की आवश्यकता होती है।
अजवाइन कम लागत की मसाला फसल हैं तथा इसका उत्पादन बढ़ाने के लिए यदि उन्नत तकनीकी से खेती की जाये तो इसके उत्पादन एवं गुणवत्ता दोनों में वृद्धि की जा सकती हैं।
अजवाइन एक रबी की मसाला फसल हैं। इसकी खेती के लिए अच्छे जल निकास वाली दोमट मिटटी सर्वोत्तम होती हैं। सामान्यतः बलुई दोमट मिटटी जिसका ph मान 6.5 से 8.2 तक है, में अजवाइन सफलतापूर्वक उगाई जा सकती हैं। जहां भूमि में नमी कम हो वहां सिंचाई की व्यवस्था आवश्यक हैं।

अजवाइन जो हम अपने खाने में बड़े मात्रा में प्रयोग करते हैं।लेकिन इसके पूरे गुणों की जानकारी आम तौर पर हमें नहीं पता है।इसके अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं, जिनकी चर्चा हमने विस्तार में किया।लिखकर बताएं कि यह आर्टिकल कैसा लगा।

पढ़ते रहें सेहत समाचार और “मसालों का मसला”।

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