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Corn Flour in Hindi Ararot? | क्या कॉर्न फ्लोर और अरारोट एक ही है?

corn flour in hindi ararot

आयुर्वेद में इसके आटे  को बहुत गुणकारी कहा गया है.  आयुर्वेद की माने तो ये आँखों के रोगो में बहुत फायदेमंद होता है. पित्त की समस्या में अरारोट का आटा बहुत लाभकारी माना गया है.

अरारोट और कॉर्न फ्लोर आटा

Is Corn flour in hindi ararot? | क्या कॉर्न फ्लोर को हिंदी में अरारोट कहते है?

लोगो में बहुत ज्यादा कन्फूजन है इस बारे में. लोग अक्सर मुज़से पूछते है की क्या कॉर्न फ्लोर को ही हिंदी में अरारोट कहते है?

आज  हम समझेंगे की अरारोट और कॉर्न फ्लोर में क्या अंतर  है या है भी नहीं। क्या हिंदी में ही कॉर्न फ्लोर को अरारोट कहते है (Is Corn flour in hindi ararot?) .

क्या है दोनों में भेद. (Difference between corn flour and ararot)

क्या कॉर्नफ्लोर की जगह अरारोट का इस्तेमाल कर सकते है? Can arrowroot be used in place of corn floor?

बहुत से ऐसे प्रश्नो का उत्तर आज आपको मिलेगा.

अरारोट क्या है? (what is arrowroot)

अरारोट का आता और कॉर्न फ्लोर में अंतर (Difference in cornflour and ararot / arrowroot aata)

अरारोट का वैज्ञानिक नाम है मैरेंटा अरुंडिनेशी। ये जंगलो में पाए जाने वाले कुछ पौधों की जड़ो से प्राप्त होता है.

इन जड़ो में स्टार्च बहुत होता है. इसका ही आता बनता है.

अरारोट एक बहुवर्षीय पौधा है और इसके आटे को इसके नाम से ही जाना जाता है.

अरारोट के और कई नाम (different names of arrowroot in India)

अरारोट को मराठी में एरोरूट कहते है. गुजराती में इसको तवखार कहते है.

अन्य भाषाओ में भी इसको अलग अलग नामों से जाना जाता है. इसका आता भारत में प्रसिद्द है.

अरारोट में पोषक तत्त्व या नुट्रिशन वैल्यू (Nutritional value of arrowroot)

cornflor ararot in hindi

जैसा की आप साइड में चार्ट में देख सकते है अरारोट में कार्बोहायड्रेट बहुत अधिक है. अरारोट आटा अरारोट की जड़ो के स्टार्च से बनता है. इसलिए ये कार्बोहायड्रेट से भरपूर होता है.

इसलिए इसमें और कॉर्नफ्लोर में समानता दिखती है.

इसमें फैट भी बहुत कम होता है. लगभग नगण्य।

इसमें प्रोटीन कॉर्नफ्लोर से ज्यादा होता है.

इसमें आयरन या लोहा भी भरपूर मात्रा में है. आपकी आयरन की रोज की जरॉरोअत का २% १०० ग्राम अरारोट से पूरी हो सकती है.

इसके अलावा इसमें कुछ मिनरल्स और विटामिन्स भी पाए जाते है जो नगण्य है.

अगर आप इस न्यूट्रिशनल वैल्यू के साथ कॉर्नफ्लोर की तुलना करेंगे तो आप समझ सकते है की आन्तर बहुत ज्यादा नहीं।

कॉर्न फ्लोर में भी अधिकतर कार्बोहायड्रेट होता है. प्रोटीन और फैट कम होता है.  साथ ही कॉर्नफ्लोर में कैलोरीज बहुत ज्यादा होती है.

१०० ग्राम कॉर्न फ्लोर में ३६० कैलोरीज होती है. जबकि अरारोट के १०० ग्राम में मात्रा ३५७ कैलोरीज होती है.

इस हिसाब से जिन्हे मोटापे की चिंता है या जो कैलोरी कांशियस है उनको अरारोट का आता ध्यान से खाना चाहिए।

अरारोट का आता बाजार में आसानी से उपलब्ध है.

 

अरारोट के फायदे गुण (Benefits and use of arrowroot)

  • आयुर्वेद में इसके आटे  को बहुत गुणकारी कहा गया है.
  • आयुर्वेद की माने तो ये आँखों के रोगो में बहुत फायदेमंद होता है.
  • पित्त की समस्या में अरारोट का आटा बहुत लाभकारी माना गया है. साथ ही ये कब्ज को दूर करता है.
  • खुनी बवासीर वाले या कब्ज वाले लोग इसका सेवन कर सकते है. अरारोट जल्दी और आराम से पच जाता है. इसलिए ये पेट और अंतड़ियो पर भरी नहीं पड़ता।

 खाने में अरारोट (arrowroot in recipes)

अरारोट का आटा या पाउडर कॉर्न फ्लोर की जगह किया जाता है. कॉर्न फ्लोर से ज्यादा नूट्रल या टतस्त स्वाद अरारोट का होता है.

बस इसमें एक बात का ध्यान रखें की इसको उबलते रेसिपी में ना डाले। कॉर्न फ्लोर जैसे ये ज्यादा स्टेबल नहीं होता। अगर आप इसे उबलते पूरी या सूप को गाढ़ा करने में इस्तेमाल करेंगे तो ये सूप का टेक्सचर पूरी तरह बिगाड़ देगा। स्वाद तो नहीं बदलेगा सूप का पर उसका टेक्सचर बहुत गंदा हो जायेगा।

इसको पहले ठन्डे पानी में मिलाये और फिर उस घोल को सूप या गर्म वस्तु में डालने से ये समस्या दूर हो जाएगी.

अरारोट के नुक्सान (damages due to arrowroot) 

१- हाई ग्लाइसेमिक फ़ूड होने की वजह से मधुमेह टाइप २ और १ वाले इसको ध्यान से खाये। इसको खाने से शुगर बढ़ सकती है.

२- हार्ट की बीमारी में ये हाई कैलोरी फ़ूड आइटम न ही खाये तो बेहतर होगा। ज्यादा हाई कैलोरी फ़ूड आइटम जिसमे बहुत स्टार्च होता है, खाने से ट्रिग्लीसेरिड और एल डी एल (बार वाला कोलेस्ट्रॉल) बढ़ सकता है.

३- इसमें हाई कार्बोहायड्रेट होने की वजह से वजन कम करने वालो को बहुत ध्यान रखना पड़ेगा. आप १ किल्लो पत्ता गोभी खा कर जितना कैलोरीज लेंगे उससे ६ गुना ज्यादा कैलोरीज आपको १०० ग्राम अरारोट से ही प्राप्त हो जाएगी.

४- जल्दी पचने की वजह से ज्यादा देर तक भूख पर काबू नहीं किया जा सकता है.

अरारोट का आटा बनाने की विधि। (how to make arrowroot flour)

अरारोट का आटा बनाने के लिए पहले इसकी जड़ (कंद) को पानी से अच्छी तरह साफ़ कर ले.

उसके बाद इसका छिलका अच्छी तरह से निकाल दे.

जो सफेद  भाग बच जाये उसको किसी मिक्सर ग्राइंडर में अच्छी तरह पीस ले. ताकि एक महीन पेस्ट बन जाये।

उस पेस्ट को उतने ही भाग पानी में मिला कर एक मोठे कपडे से छान ले.

छानने की बाद जो पानी बचे उसको सूखा ले.

पानी के सूख जाने के बाद आपके पास अरारोट का आटा  बचेगा।

अरारोट आटा स्टोर कैसे करे? (how to store arrowroot flour)

अरारोट आटा स्टार्च से भरपूर होता है. इसलिए ये पानी या नमी को जल्दी सोख लेता है.

अतः इसको एक एयरटाइट जार में बंद करके रखे. इस्तेमाल के समय गिला चम्मच ना डेल.

और इस्तेमाल करते ही जार का ढक्कन बंद कर दे.

ख़ास कर बारिश के दिनों में इस बात का बहुत ध्यान रखे की किसी भी हालत में मॉइस्चर जार में ना जाये। अन्यथा अरारोट का आटा  सड़ना शुरू हो सकता है.

अगर उसमे से कड़वी बास  आये तो उसको इस्तेमाल न करे.

अगर आपको अरारोट से बनाने वाली कोई रेसिपी आती है तो कृपया हमें बताये। हम उस रेसिपी को आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे.

नकली अरारोट को कैसे पहचाने? (How to identify fake arrowroot flour)

बाजार में अरारोट आसानी से मिल जाता है. पर इसमें अक्सर मिलावट की जाती है. और अक्सर  लोगो मालूम ही नहीं होता की कॉर्न फ्लोर को हिंदी में अरारोट नहीं कहते। (Corn flour in Hindi is not ararot?)

आलू, रतालू, कॉर्नफ्लोर इत्यादि मिलती जुलती स्टार्च युक्त चीज इसमें मिलाई जाती है.

अगर आपको असली और नकली अरारोट में पहचान करनी हो तो दो ही तरीके है.

१- सूंघ कर. या चख कर. अरारोट में मूलतः कोई बास या स्वाद नहीं होता। जैसे आलू का आता या कॉर्नफ्लोर में एक प्रकार का स्वाद आता है. इसलिए कुछ लोग अरारोट को सूप या प्यूरीज को गाढ़ा करने में इस्तेमाल करते है क्योकी इसमें स्वाद न के बराबर होता है.

२- माइक्रोस्कोप के नीचे रख कर भी आप अरारोट और अन्य मिलावट को समझ सकते है.

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