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Tukh Malanga Ke Fayde – तुख मलांगा पर पूरी जानकारी

tukh malanga in Hindi

इस लेख के माध्यम से हम आज तुख मलांगा के फायदे (Tukh Malanga Ke Fayde) और तुख मलांगा (Tukh malanga) और चिआ बीज (Chia seeds) में अंतर समझेंगे।

ये लेख तुख मलांगा पर अच्छी तरह रिसर्च करके लिखा गया है ताकि आपको इसके बेहतरीन फायदे समझ में आ सके और आप उनका उपयोग स्वस्थ रहने के लिए कर सके.

तुख मलांगा और चिआ बीज में अंतर

( Difference between tukh malanga and chia seeds in Hindi)

तुख मलांगा क्या है | What is tukh malanga in Hindi?

tukh malanga beej ke fayde अधिकतर लोग तुक मलंगा और चिया बीज को एक ही मानते है. जबकि दोनों में बहुत अंतर है.

यहाँ तक की बनावट और स्वास्थ को होने वाले फायदे भी अलग अलग है.

सबसे पहले इनकी प्रजाति समझते है.

तुख मलांगा एक थाई तुलसी के प्रकार का बीज होता है. या यु कहे की तुख मलांगा वस्तुतः तुलसी का ही एक प्रकार है.

ये भारत और मेडिटरेनियन एरिया में बहुत अधिक पेयी जाती है.

इसको सब्जा (Sabja seeds) के बीज भी कहते है.

पानी में भिगोने के बाद इनपर एक जेल नुमा परत बन जाती है.

चिया  बीज क्या है | What is chia seeds in Hindi

चिया के बीज (Chiya seeds) का वैज्ञानिक नाम है सैल्विया हिस्पानिका। ये मैक्सिको की प्रजाति है.

इनकी विशेषता ये होते है की ये अंडाकार होते है और इनपर सफ़ेद निशान होते है. ये पानी को बहुत अच्छे तरह सोख लेते है.

ऐसा माना जाता है की अपने वजन से १०-१२ गुना तक ज्यादा पानी सोख सकते है.

पानी सोख लेने के बाद पानी और इनका मिश्रण एक जेल नुमा टेक्सचर बनाते है. इनपर तुक मलंगा जैसे जेल की लेयर नहीं चढ़ती।

चिया के बीज आप बिना भिगोये, बिना सेके  खा सकते है. सीधे खाये या फिर इनको सलाद पर या गार्निशिंग के हिसाब से खाये। ये आराम से पच जाते है.

  • १- चिया  और तुख मलांगा के बीजो में रंग का साफ़ अंतर होता है.
  • २- चिया  बीज और तुख मलंगा बीज दोनों ही पानी में भिगोने के बाद जेल नुमा पदार्थ बनाते है. पर तुख मलांगा की बीज की कोर बनी रहती है और जेल नुमा पदार्थ उनके चारो और रहता है. जबकि चिया  के बीज पानी का ही टेक्सचर जेल नुमा कर देते है.
  • ३ – दोनों की पौष्टिकता और नुट्रिएंट्स में फर्क है.
  • ४- दोनों के बीजो की उपयोगिता अलग अलग है. इसलिए अगर आप चिया को तुख मंगाला समाज कर खा भी लेंगे तो भी आपको फ़ायदा नहीं होगा। दोनों की उपयोगिता इस लेख में नीचे दी गयी है.

दोनों के न्यूट्रिशनल चार्ट इस लेख में आगे दिए है. उनको देख कर आप समझ सकते है की दोनों में कितना अंतर है.

तुख मलांगा और चिया बीज की कीमत  में अंतर (Difference between the price of Chia seeds and tukh malanga seeds)

जैसा की ऊपर समझा चुके है की चिया मैक्सिको में पाया जाता है और तुख मलांगा भारत में. इसलिए दोनों की कीमत में फर्क होता है.

चिया  बीज बहार से मंगाए जाते है इसलिए इनकी कीमत ज्यादा होती है.

अभी भारत में किया बीज की औसत कीमत है – लगभग रूपये ६५० प्रति किलो

और तुख मलांगा  का औसत कीमत भारत में लगभग ४००-५०० रूपये प्रति किलो।

नोट: कीमतों में बाजार और समय के हिसाब से अंतर हो सकता है. इसलिए सही रेट दूकान पर ही पता करे. 

तुख मलांगा (सब्जा ) के बीज के फायदे और उपयोग (tukh malanga seeds benefits and usage in Hindi)

Tukh malanga ke fayde बहुत है. पर इसको ध्यान से खाना चाहिए। अधिक उपयोग करने से नुक्सान भी हो सकता है.

तुख मलंगा के फायदे समझने से पहले आइये समझते है इसके नुट्रिशन या पौष्टिक गुण

तुख मलांगा के नुट्रिशन फैक्ट्स (Nutrition facts of Tukh Malanga)

यहाँ हम तुख मलांगा के १०० ग्राम और १ चम्मच (लगभग १५ ग्राम) का नुट्रिशन चार्ट दिखा रहे है.

केटेगरी  १०० ग्राम  १ चम्मच 
कैलोरीज ४६६ कैलोरीज ७० कैलोरीज
कुल फैट २० ग्राम ३ग्राम
कार्बोहाइड्रेट्स २०.६६ ग्राम ८ ग्राम
कैल्शियम ११९८ मिलीग्राम १८० मिलीग्राम
आयरन ८२.५५ मिलीग्राम १२.४ मिलीग्राम
मैग्नीशियम २९९.५७ ग्राम ४५ मिलीग्राम
प्रोटीन २० ग्राम्स ३ ग्राम

जैसा की आप ऊपर के टेबल में देख सकते है इसमें कार्बोहायड्रेट, प्रोटीन और फैट्स लगभग बराबर मात्रा में है. साथ ही इसमें कैल्शियम काफी मात्रा में है. जिन लोगो को हड्डियों की कमजोरी या इम्युनिटी में कमी होती है उनके लिए ये बहुत अच्छा सोर्स है कैल्शियम का.

कैल्शियम के अलावा इनमे आयरन, मैग्नीशियम, भी अच्छी मात्रा में होता है.

अब समझते है तुख मलंगा की फायदे

तुख मलांगा के फायदे और उपयोग  (Benefits of tukh malanga in Hindi)

१- अपचन में तुख मलांगा के फायदे :

जिन लोगो को बहुत ज्यादा अपचन की शिकायत रहती है वो रोज इसका एक चम्मच सेवन करे तो बहुत आराम मिलता है.

तुख मलंगा में काफी अ -घुलनशील फाइबर्स होते है तो अंतड़ियो में सफाई करते चलते है. इस तरह ये अंतड़ियो में जमा गन्दगी को साफ़ करके पाचन क्रिया को ठीक करते है. अपचन की समस्या खुद ब खुद प्राकृतिक रूप से ठीक होने लगती है.

२- डी-टॉक्सिफिकेशन

ये स्थापित सत्य है की तुख मलंगा बहुत अच्छा डी-टॉक्स है. इसके फाइबर्स पेट में से गन्दगी साफ़ करते है और शरीर को डी-टॉक्स करते है. इसके नियमित सेवन से डेटोक्सिफिकेशन की प्रक्रिया सुचारु होती है.

३- कब्ज या कॉन्स्टिपेशन

तुख मलंगा में जैसा हमने बताया बहुत ज्यादा मात्रा में न घुलने वाले फाइबर्स होते है. पेट की अंतड़ियो को ये साफ़ करने और अंतड़ियो की सूजन कम करने में ये काफी कारगर होते है.

४- नुट्रिएंट से भरपूर

तुख मलंगा की बीजो में काफी प्रकार के नुट्रिएंट्स पाए जाते है. कैल्शियम, आयरन, मेगनीसियम इत्यादि से भरपूर तुख मलंगा आपको अच्छी तरह पोषित रखता है.

इसके अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और फैट्स भी भरपूर होते है वो भी समानुपातिक मात्रा में.

५- शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है.

तुख मलंगा का एक ख़ास गन इसको काफी पॉपुलर बनता है. और वो है शरीर के तपमान का अच्छी तरह नियंत्रण।

जिन लोगो को हीट स्ट्रोक, अत्यधिक गरमी लगना या जिनके शरीर में बहुत अधिक गर्मी का उत्सर्जन होता है उनके लिए तुख मलंगा एक रामबाण इलाज है.

रोज इसका सेवन करने से शरीर शीतल रहता है.

६-  तनाव दूर करने वाला बीज

शरीर को ठंडा करने और पाचन को सुचारु रखने के साथ साथ ये बीज आपको तनाव से भी मुक्त रखते है.

इनकी विशेषता होती है की ये आपके नर्वस सिस्टम पर रोज के तनाव का जोर कम करते है. इसलिए इसका सेवन आज के तनाव भरे युग में काफी महत्वरपूर्ण हो गया है.

६- एसिडिटी से मुक्ति

जिन लोगो को एसिड रिफ्लक्स या अत्यधिक एसिडिटी की समस्या होती है उनको तुख मलंगा का सेवन करना चाहिए। ये आपकी एसिडिटी तो कण्ट्रोल करेगा ही साथ ही पेट में भोजन के पाचन को भी सुचारु करेगा.

७- हड्डियों की मजबूती के लिए.

आपको डेली १००० से १२०० मिलीग्राम कैल्शियम ग्रहण करना चाहिए। एक चम्मच तुख मलांगा में ही १८० मिलीग्राम कैल्शियम होता है. जो आपकी जरूरत का लगभग १८% पूरा करता है.

एक गिलास दूध में भी १२५ मिलीग्राम कैल्शियम होता है.

आप तुलनात्मक रूप से देख सकते है की तुख मलंगा कैल्शियम पूर्ती के लिए कितना फायदेमंद है.

८-अत्यधिक पसीना आने की समस्या में फायदा

तुख मलांगा का मेरा खुद का अनुभव कहता है की जिन्हे पसीना बहुत ज्यादा आता है उनके लिए तुख मलांगा एक बहुत ही गुणकारी औषदही है.

मुज़हे स्वयं बचपन से हतेलियो  और शरीर पर बहुत अधिक पसीना आने के समस्या रही है. तुख मलंगा इसमें बहुत असरकारक है.

अब ये क्यों असर करता है इसका कारण  तो मुज़हे भी नहीं मालूम। शायद शीतल करने के इसके गुण  की वजह से ऐसा होता हो.

पर अगर आपको अधिक पसीना आता है तो आप भी ट्राई कर सकते है.

बस आपको रात को एक चम्मच तुख मलांगा पानी में भिगो कर रखना है. और सुबह बीज सही वो पानी पी लेना है. अगर दो तीन दिनों में फर्क लगे तो आगे कंटिन्यू कर सकते है.

आपको तुख मलंगा से सम्बंधित को प्र्शन हो तो बेझिजक कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है.

चिया  सीड्स के फायदे समझने के लिए नीचे दिया गया आर्टिकल पढ़े।

chia seeds in hindi

 

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